केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए Central Government Health Scheme (CGHS) एक भरोसेमंद हेल्थ बेनिफिट स्कीम है, जिसमें इलाज के साथ-साथ मेडिकल डिवाइस पर भी आर्थिक सहायता मिलती है। सुनने की समस्या से जूझ रहे लाभार्थियों के लिए CGHS डिजिटल हियरिंग एड की खरीद पर रीइम्बर्समेंट (प्रतिपूर्ति) देती है। हालांकि बहुत से लाभार्थी इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि CGHS Hearing Aid Reimbursement Form कैसे भरें, कौन-कौन से दस्तावेज़ लगेंगे और अप्रूवल प्रोसेस कितनी लंबी होगी। इस लेख में हम पूरी प्रक्रिया को आसान भाषा में समझाएंगे।
CGHS हियरिंग एड रीइम्बर्समेंट स्कीम क्या है
यह स्कीम केंद्र सरकार के सेवारत कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके योग्य आश्रितों को डिजिटल हियरिंग एड खरीदने के बाद उसकी लागत वापस पाने की सुविधा देती है। ध्यान रहे कि CGHS हर तरह का हियरिंग एड कवर नहीं करता — केवल स्वीकृत श्रेणियों के डिजिटल हियरिंग एड ही इसके दायरे में आते हैं, और रीइम्बर्समेंट तय सीलिंग रेट या वास्तविक बिल राशि, जो भी कम हो, तक सीमित रहता है।
हाल ही में जारी नई गाइडलाइन (Office Memorandum No. S.11030/76/2026-EHS, दिनांक 09-09-2026) के अनुसार अब मानक डिजिटल प्रोग्रामेबल और रीचार्जेबल हियरिंग एड पर अधिकतम ₹30,000 प्रति कान (GST सहित) की सीमा तय की गई है, साथ ही तीन साल की व्यापक वारंटी भी शामिल है। यह पुराने आदेश (1 दिसंबर 2020) की जगह लागू हुआ है।
ज़रूरी बात यह है कि GST, चार्जर, फिटिंग, प्रोग्रामिंग, वेरिफिकेशन, काउंसलिंग या रूटीन मेंटेनेंस के लिए अलग से कोई रीइम्बर्समेंट नहीं मिलता — यह सब तय सीलिंग रेट के भीतर ही माना जाता है। इसके अलावा बॉडी-वर्न/पॉकेट टाइप और एनालॉग BTE हियरिंग एड अभी भी योजना से बाहर हैं।
कौन-कौन इस स्कीम के लिए पात्र है
CGHS कार्डधारक कर्मचारी, पेंशनर और उनके निर्भर परिजन इस स्कीम का लाभ ले सकते हैं। हालांकि आर्म्ड फोर्सेज, रेलवे और दिल्ली पुलिस के कर्मचारी इसमें शामिल नहीं होते, क्योंकि उनके लिए अलग हेल्थ स्कीम मौजूद है। एक बार रीइम्बर्समेंट लेने के बाद अगली बार क्लेम करने के लिए पांच साल का गैप ज़रूरी है, यानी एक ही कान के लिए बार-बार क्लेम नहीं किया जा सकता।
हियरिंग एड परमिशन और रीइम्बर्समेंट की पूरी प्रक्रिया
स्टेप 1: ENT स्पेशलिस्ट से जांच कराएं
सबसे पहले CGHS एम्पैनल्ड अस्पताल या CGHS वेलनेस सेंटर के ENT स्पेशलिस्ट से ऑडियोमेट्रिक/ऑडियोलॉजिकल टेस्ट कराना ज़रूरी है। स्पेशलिस्ट ब्रांड-न्यूट्रल सिफारिश करता है, यानी वह किसी खास ब्रांड का नाम नहीं बताता बल्कि आवश्यक कैटेगरी (जैसे BTE या ITC/CIC) सुझाता है।
स्टेप 2: प्रायर परमिशन के लिए आवेदन करें
ENT की सिफारिश के आधार पर लाभार्थी को हियरिंग एड खरीदने से पहले प्रायर परमिशन (पूर्व अनुमति) लेनी होती है।
- सेवारत कर्मचारी अपने मंत्रालय/विभाग के माध्यम से आवेदन करते हैं।
- पेंशनर अपने CGHS वेलनेस सेंटर के ज़रिए CGHS ज़ोनल ऑफिस में आवेदन जमा करते हैं।
आवेदन के साथ एक अंडरटेकिंग (Annexure-II के अनुसार) देनी होती है, जिसमें यह घोषणा की जाती है कि पिछले पांच वर्षों में संबंधित आश्रित के लिए हियरिंग एड की प्रतिपूर्ति नहीं ली गई है।
स्टेप 3: परमिशन मिलने के बाद खरीद करें
परमिशन लेटर मिलने पर लाभार्थी को किसी रजिस्टर्ड डीलर या क्लिनिक से स्वीकृत श्रेणी का डिजिटल हियरिंग एड खरीदना होता है। खरीदते समय ध्यान रखें कि विक्रेता का नाम, योग्यता और RCI/MCI रजिस्ट्रेशन नंबर बिल पर स्पष्ट रूप से अंकित हो।
स्टेप 4: रीइम्बर्समेंट फॉर्म और दस्तावेज़ जमा करें
खरीद के बाद रीइम्बर्समेंट क्लेम फॉर्म भरकर नीचे दिए गए दस्तावेज़ों के साथ जमा करना होता है:
- मूल परमिशन लेटर
- मूल बिल/रसीद जिसमें विक्रेता का पूरा विवरण हो
- भुगतान का प्रमाण
- हियरिंग एड का खाली बॉक्स/कार्टन जिस पर डिवाइस का विवरण अंकित हो
- तीन साल की वारंटी कार्ड की कॉपी
- कार्डधारक का अंडरटेकिंग (पांच साल में दोबारा क्लेम न किए जाने की घोषणा)
पेंशनर CGHS वेलनेस सेंटर के ज़रिए यह फॉर्म CGHS ज़ोनल ऑफिस में जमा करते हैं, जबकि सेवारत कर्मचारी इसे अपने मंत्रालय/विभाग के माध्यम से जमा करते हैं।
स्टेप 5: फॉलो-अप जांच कराएं
हियरिंग एड खरीदने के बाद लाभार्थी को CGHS स्पेशलिस्ट के पास एक महीने बाद और उसके बाद हर तीन महीने में, एक साल तक फॉलो-अप के लिए जाना ज़रूरी होता है। यह फॉलो-अप हियरिंग एड के सही तरीके से काम करने की पुष्टि के लिए किया जाता है।
क्लेम जमा करने की समय-सीमा
खरीद की तारीख से 90 दिनों के भीतर क्लेम जमा करना अनिवार्य है। यदि किसी वजह से देरी हो रही है, तो लिखित स्पष्टीकरण के साथ आवेदन देना होगा, अन्यथा क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना रहती है।
रीइम्बर्समेंट राशि की गणना कैसे होती है
रीइम्बर्समेंट राशि वास्तविक बिल राशि या तय सीलिंग रेट, जो भी कम हो, उसी के अनुसार दी जाती है। उदाहरण के लिए:
- अगर हियरिंग एड की कीमत ₹25,000 है, तो पूरी राशि यानी ₹25,000 वापस मिलेगी।
- अगर हियरिंग एड की कीमत ₹35,000 है, तो सिर्फ अधिकतम सीमा यानी ₹30,000 तक ही प्रतिपूर्ति होगी।
एक बात याद रखें कि यह राशि प्रति कान के हिसाब से तय है, इसलिए दोनों कानों के लिए अलग-अलग क्लेम बनाया जाता है और दोनों पर सीलिंग रेट अलग-अलग लागू होती है।
फॉर्म भरते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- फॉर्म में लाभार्थी की सारी जानकारी (नाम, CGHS कार्ड नंबर, आश्रित का विवरण) सही-सही भरें।
- ENT स्पेशलिस्ट की सिफारिश की कॉपी संलग्न करना न भूलें।
- बिल पर विक्रेता का RCI/MCI रजिस्ट्रेशन नंबर जांच लें, वरना क्लेम आपत्ति में जा सकता है।
- अंडरटेकिंग फॉर्म पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है।
- सभी मूल दस्तावेज़ (फोटोकॉपी नहीं) जमा करें, क्योंकि CGHS मूल दस्तावेज़ों को ही मान्यता देता है।
- समय-सीमा (90 दिन) का विशेष ध्यान रखें।
आवेदन में देरी से बचने के तरीके
कई बार लाभार्थी सिर्फ इसलिए परेशान होते हैं क्योंकि उन्होंने पहले परमिशन नहीं ली और सीधे हियरिंग एड खरीद लिया। ऐसे मामलों में रीइम्बर्समेंट मिलना मुश्किल हो जाता है या अस्वीकार भी हो सकता है। इसलिए हमेशा खरीद से पहले परमिशन लेना सबसे ज़रूरी कदम है। इसके अलावा दस्तावेज़ों की एक कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें, ताकि किसी भी पूछताछ की स्थिति में तुरंत जवाब दिया जा सके।
निष्कर्ष
CGHS Hearing Aid Reimbursement Form भरना कोई जटिल प्रक्रिया नहीं है, बशर्ते सही क्रम में कदम उठाए जाएं — पहले ENT जांच, फिर प्रायर परमिशन, उसके बाद खरीद और अंत में सही दस्तावेज़ों के साथ क्लेम जमा करना। नई गाइडलाइन के अनुसार अब ₹30,000 प्रति कान तक की सीलिंग रेट और तीन साल की वारंटी का लाभ मिलता है, जो पहले से बेहतर सुविधा है। यदि आप या आपका कोई परिजन सुनने की समस्या से जूझ रहा है, तो समय पर सही प्रक्रिया अपनाकर आप इस सरकारी सुविधा का पूरा लाभ उठा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. CGHS हियरिंग एड रीइम्बर्समेंट के लिए अधिकतम कितनी राशि मिलती है?
वर्तमान गाइडलाइन के अनुसार मानक डिजिटल प्रोग्रामेबल और रीचार्जेबल हियरिंग एड के लिए अधिकतम ₹30,000 प्रति कान (GST सहित) की सीमा तय है।
2. क्या बिना प्रायर परमिशन के हियरिंग एड खरीदकर रीइम्बर्समेंट लिया जा सकता है?
नहीं, नियमानुसार खरीद से पहले CGHS से प्रायर परमिशन लेना अनिवार्य है, अन्यथा क्लेम अस्वीकार हो सकता है।
3. रीइम्बर्समेंट क्लेम कितने दिनों के भीतर जमा करना होता है?
हियरिंग एड खरीदने की तारीख से 90 दिनों के भीतर क्लेम जमा करना ज़रूरी है।
4. क्या हर पांच साल में दोबारा हियरिंग एड रीइम्बर्समेंट लिया जा सकता है?
हाँ, एक ही आश्रित के लिए दोबारा रीइम्बर्समेंट पांच साल के अंतराल के बाद ही लिया जा सकता है।
5. क्या सभी ब्रांड के हियरिंग एड पर रीइम्बर्समेंट मिलता है?
CGHS ब्रांड नहीं बल्कि हियरिंग एड की कैटेगरी (जैसे BTE या ITC/CIC) के आधार पर अनुमोदन देता है, इसलिए तय कैटेगरी में आने वाला कोई भी ब्रांड चुना जा सकता है।
6. क्या रीइम्बर्समेंट में फिटिंग और प्रोग्रामिंग चार्ज भी शामिल हैं?
नहीं, फिटिंग, प्रोग्रामिंग, वेरिफिकेशन, काउंसलिंग या रूटीन मेंटेनेंस के लिए अलग से कोई रीइम्बर्समेंट नहीं दिया जाता।
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